हरी तुम बिन मन मानत नही मोरो

हरी तुम बिन मन मानत नही मोरो
त्यज दियो है जगको, ओ पिया, जिया आप संग जोडयो

चैन ना हमको एक पल आवे
दिन-रैन हरी के गुण गावे
हरी नाम धुन हरदम छेडयो

हरी तुम बिन मन मानत नही मोरो
त्यज दियो है जगको, ओ पिया, जिया आप संग जोडयो

मीठी बतिया तुम्हरी भावे
और कुछ ना मोहे सुहावे
मन मन्दिर प्रेमरस डुबोयो

हरी तुम बिन मन मानत नही मोरो
त्यज दियो है जगको, ओ पिया, जिया आप संग जोडयो

रूप देखण अंखियाँ तरसावे
भक्ति भरी गगरिया छलकावे
हरिप्रिया हरी चरण असुवन धोयो

हरी तुम बिन मन मानत नही मोरो
त्यज दियो है जगको, ओ पिया, जिया आप संग जोडयो

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